खानवा का युद्ध Shakti Singh Negi द्वारा पौराणिक कथा में हिंदी पीडीएफ

खानवा का युद्ध

खानवा का युद्ध 














   








   राणा सांगा चित्तौड़ की महारथी योद्धा राजा थे। राणा के विशाल शक्तिशाली शरीर पर लगे घावों से राणा की वीरता झलकती थी। 


   उन दिनों दिल्ली पर इब्राहिम लोदी का शासन था। इब्राहिम एक नाकारा शासक था। उधर फरगना का छोटा सा राजा बाबर अपने क्षेत्र में युद्धों से जूझ रहा था। बार-बार जय - पराजय से जूझते बाबर ने निराश होकर आखिर में भारत की ओर प्रस्थान किया।


   इब्राहिम लोदी से उसका जोरदार युद्ध हुआ। तुगुलुमा युद्ध में माहिर बाबर ने इब्राहिम लोदी को करारी शिकस्त दी।


    राणा सांगा सारे भारत पर भगवा झंडा लहरा कर हिंदू साम्राज्य की स्थापना करना चाहते थे। अब बाबर और राणा सांगा का युद्ध अनिवार्य हो गया था।


   अपने देश में बार-बार हारे बाबर के सैनिकों ने जब सुना कि उनका मुकाबला महाराणा सांगा जैसे अजेय योद्धा से होने वाला है तो उनके रोंगटे खड़े हो गए। राणा सांगा तलवार के धनी थे।


   भारत के नरेश अभी तोपों का उचित इस्तेमाल रण क्षेत्र में करना नहीं सीखे थे। सामूहिक वीरता से अधिक व्यक्तिगत वीरता को महत्व दिया जाता था।


राणा सांगा - सेनापति, बाबर की सेना ने हम से युद्ध करने के लिए प्रस्थान कर दिया है। आपकी तैयारियां कैसी हैं?


सेनापति - महाराज हम क्षत्रिय वीरों का रक्त युद्ध के लिए उबल रहा है। हम शीघ्र से शीघ्र उस बाबर से युद्ध कर उसका समूल नाश करना चाहते हैं।


राणा सांगा - हमारी अजेय सेना उस दुर्दांत बाबर का अवश्य ही विनाश कर देगी। चलिये सेनापति युद्ध क्षेत्र की ओर प्रस्थान करते हैं। 


   असुर बाबर की सेना युद्ध क्षेत्र में आ गई। राणा की सेना भी आगे बढ़ती है।


 राणा सांगा - क्षत्रिय वीरों आगे बढ़ो। इन दुष्ट असुरों का विनाश करो। हम सूर्यवंशियों ने हमेशा राक्षस और असुरों के रक्त से अपनी तलवारों की प्यास बुझाई है।


   सैनिक घनघोर युद्ध करते हैं। दस्यु बाबर के सैनिक घबरा कर भागने लगते हैं। राणा सांगा की तलवार बड़ी तेजी से दानवों का वध कर रही है। 


बाबर - बाप रे बाप मारे गये। हम लुटेरों का आज सिंहों से मुकाबला हो गया। कहां वो शेर। कहां हम धोखे से वार करने वाले गीदड़। आगे बढ़ो सेनापति हम छल बल से जीत भी सकते हैं।


बाबर का सेनापति - आज तो मारे गये हुजूर। मैंने पहले ही कहा था कि शेर से पंगा मत लो। चारों तरफ हमारे कायर सैनिकों के रक्त रंजित शव पड़े हैं। 


   बाबर के सैनिक भागने लगते हैं।


बाबर - अब तो केवल छल से ही हम प्राण बचा सकते हैं। तोपों का प्रयोग करो सेनापति।


सेनापति - जो आज्ञा।


  तोपों के प्रयोग से रणक्षेत्र में आग ही आग दिखाई पड़नी दिख जाती है।


   राणा के सैनिक फिर भी पीछे नहीं हटते हैं। और तीरों की बौछार से बाबर के अनेक तोप चलाने वाले तोपचियों का वध कर डालते हैं।


राणा का सेनापति - अब युद्ध बराबर का हुआ। काश हमारे पास भी यह तोपें होती तो अब तक इस दानव बाबर की संपूर्ण सेना का विनाश हो जाता।


महाराणा सांगा - बढते जाओ वीर सैनिकों। इन दैत्यों के शवों से आज रणभूमि को पाट दो। 


बाबर - काश ऐसे क्षत्रिय वीर मेरी सेना में होते तो मैं पूरी दुनिया का फतह कर देता। युद्ध का पलड़ा अभी भी उनके पक्ष में है।


चुपके से एक विषभरा तीर राणा की तरफ छोड़ता है। राणा घायल हो जाते हैं। फिर भी वह अपनी चेतना को नियंत्रित कर भयानक युद्ध करते रहते हैं।


बाबर - अब तो हमें भागना ही पड़ेगा। इस पुरुष सिंह पर मेरे छल - बल का कुछ भी असर नहीं हुआ।


   बाबर के दानव भागने लग जाते हैं।

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Darshit Maniyar

Darshit Maniyar 5 महीना पहले

Shakti Singh Negi

Shakti Singh Negi मातृभारती सत्यापित 5 महीना पहले