द लास्ट हार्टबीट -10

Episode -10

जगह : आश्रम ।

समय : रात के 11 :14 बजे ।

रिया घबराकर जाग गई । उसने वही बुरा सपना देखा (अपनी माँ की आत्महत्या ) । वह पसीने से तरबतर हो चुकी थी। उसने अपने बैग से नींद की गोलियां निकाली और पानी पीने के लिए रूम के बहार आई तभी दाई तरफ से हेलो की आवाज आई । रिया यह आवाज सुनकर घबरा गई और इसी समय उसके हाथ में जो दवाई की डिब्बी थी वह नीचे गिर गई जिसे डिब्बी खुल गई और सारी दवाइया इधर उधर फेल गई। रिया ने आवाज की तरफ देखा तो अजय हॉल के सोफे पर अपने लैपटॉप के साथ बैठा था । रिया को इस तरह डरते हुए देख उसने रिया को सॉरी कहा। रिया ने अजय की तरफ देखा । उसने नम्बर वाले चश्मे पहने थे । रिया ने अजय से कहा -

" तुम चसमिस हो ? "

"डोन्ट कॉल मी देट । "

अजय ने यह बात चिढ़कर कही थी । उसके चेहरे के चिड़चिड़ाहट देखकर रिया मुस्कुराई और नीचे झुककर गिरी हुई दवाइया उठानी लगी । यह देख अजय भी उसकी मदद करने के लिए झुका और दवाइया उठाने लगा तभी उसके हाथ में दवाई की डिब्बी आई। अजय ने उसकी ऊपर लगी पर्ची को पढ़ा उसके चेहरे पर गंभीर भाव आये । वह उठकर रिया के पास आया और डब्बी को आगे करते हुए बोला -

" तुम सोने के लिए स्लीपिंग पिल्स लेती हो । "

रिया ने कुछ नही कहा तब अजय ने फिरसे कहा -

" रिया मैंने कुछ पूछा तुमसे जवाब दो । "

" हाँ । "

" बट व्हाई तुम्हे पता है यह कितना हार्मफुल है ?"

"तुम्हारा इससे कोई लेना देना नही है , तो तुम इससे दूर ही रहो और मेरी दवाइया दो । "

रिया ने दवाई लेने के लिए हाथ बढ़ाया तभी अजय ने दवाई वाले हाथ को पीछे किया और बोला -

"तुम्हारे पास डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन है इसे यूज़ करने की ?"

"अजय वह दवाई दे दो प्लीज मुझे तंग मत करो। "

" नही दूंगा पहले बताओ तुम्हारे पास इसकी प्रिस्क्रिप्शन   है । "

" नही है बस । अब दो मुझे । " 

" व्हाट तुम इसे प्रिस्क्रिप्शन के बिना ले रही हो । अब तो तुम्हें यह हरगिज़ नही मिलेगी । " 

रिया दवाई के लिए अजय से छीनाजप्ती करने लगी । अजय ने भी दवाई दी नही और मौका देखकर दवाइयों को खिड़की से बहार फेक दिया। यह देखकर रिया को गुस्सा आया और उसने अजय के गाल पर जोर का थप्पड़ दे मारा और रिया तिलमिलाते हुए अपने कमरे में चली गई ।

आधे घंटे बाद रिया को अपनी गलती का एहसास हुआ तो वह अपने कमरे से निकलकर हॉल में पहोंची । वहां पर अजय नही था उसका लैपटॉप सोफे पर ही पड़ा हुआ था । रिया ने चारों तरफ देखा , वह कही नही दिखा । रिया हॉल से निकलकर बहार आई तो उसने देखा अजय सीढ़ियों पर चुपचाप बैठा था । रिया अजय के पास आकर सीढियो पे वह भी बैठ गई । उसने अजय की तरफ देखा । उसके चेहरे पर मायूसी साफ दिख रही थी । रिया ने कहा -

" तुम सही थे अजय में मोहब्बत से नफरत नही करती बल्कि डरती हु । ( अजय ने रिया के सामने देखा ) मेरे मॉम डैड ने लव मैरेज की थी और उन्ही की प्यार की निशानी में हु । शुरुआत मैं दोनो एक दूसरे पर अपनी जान छिड़कते थे पर वक्त के साथ सबकुछ बदलता गया फिर रोज डैड नशे के हालात में घर आते और मम्मी को पीटते और एक दिन मम्मी ने तंग आकर मेरी ही आँखों के सामने रिवॉल्वर से खुदको गोली मार ली और अपनी जान दे दी । सबको लगता है कि उन्होंने सुसाइड किया था पर असल में मोहब्बत ने उनकी जान ले ली थी । वह चाहती तो पापा को डिवोर्स दे सकती थी पर वो पापा से प्यार करती थी इसलिए मरते वक़्त भी उनके जुबा पर आई लव यू सुनील था। वो दिन सपना बनकर हर रात मुझे सोने नही देता इसी वजह से यह दवाइया में लेती हूं । मुझे मोहब्बत से डर नही बल्कि में अपनी माँ की तरह मरने से डरती हु ।"

अपने दर्द को बयां करते करते रिया की आँखे भर आईं थी तो दूसरी तरफ यह सुनकर अजय के होश ही उड़ चुके थे । वह जिस लड़की को अपनी जान से भी ज्यादा चाहता था उसके सीने में इतना दर्द भरा था , उसका उसे एहसास भी नही था । उसका गला भर आया था । वह कुछ बोल नही पाया । कुछ पल दोनो के बीच खामोशी छाई रही , फिर रिया बोली -

" आई एम सॉरी । ज्यादा जोर से तो नही लगी ना ? "

अजय यह सुनकर मुस्कुरा दिया और ना में सर हिलाया । रिया को यह अजीब लगा और वह बोली -

"तुम मुस्कुरा क्यो रहे हो ?"

" कुछ नही बस मेरे कहे बिना ही मुझे अपसेट देखकर अपनी गलती की सफ़ाई दे रही हो । अपनी गलती की माफी मांग रही हो । रिश्ते को सुधारने की कोशिश कर रही हो । यह भी एक तरह का प्यार ही है । कहे बिना ही जो हमारे दर्द को महसूस कर ले वही हमारा असली हमदर्द होता है । में इसमें फैल हो गया पर वादा करता हु की दर्द तुम्हे होगा तो आंसू मेरे बहेंगे, तुम खुश होगी तो तुम्हारी हँसी हम बनेंगे ।"

रिया यह सुन मुस्कुराने लगी और कहा -

" तुम हर चीज में प्यार कैसे ढूंढ लेते हो ? "

"क्योकि उनमें पहले से ही मोहब्बत होती है , बस प्यार को ढूंढने वाली आँखे होनी चाहिए । "

रिया अजय को कुछ पल के लिए देखती रही । जब अजय ने यह नोटिस किया तो रिया ने जल्दी से अपनी आँखें दूसरी तरफ कर ली पर यह अजय देख चुका था । वह सिर्फ मुस्कुराया । अचानक उसे कुछ याद आया और बोला -

" हे कल तुम्हारा बर्थडे है ना ? "

"हाँ ! बट वेइट, तुम्हे कैसे पता कल मेरा बर्थडे है ? "

"सोशल मीडिया के जमाने में यह कौनसी बड़ी बात है । पर अजीब बात यह है तुम लव में बिलीव नही करती और तुम्हारा बर्थडे वैलेंटाइन वीक में है । "

" हाँ हो ! पर मम्मी के जाने के बाद से कभी मैंने बर्थडे सेलेब्रेट नही किया "

"ओह !  कोई बात नही तुम सेलेब्रेट नही करना चाहती पर में तो अपनी मोहब्बत के जन्मदिन को सेलेब्रेट कर सकता हूँ । चलो उठो सूजी का केक बनाते है। "

" क्या सूजी का मुझे कोई केक वेक बनाना नही आता ।

तुम्हे बनाने के लिए कोई कह भी नही रहा । मुजे बनाना आता है अब चलो ।

अजय रिया को हाथ पकड़कर रसोईघर में ले गया और सूजी बनाने का समान निकालने लगा , तभी रिया ने कहा -

" ऐसी कोई चीज है जो तुम्हे नही आती हो ?  राइटर ,पेंटर ,यूटुबर और अब कूक भी "

अजय ने मुस्कुराते हुए कहा -

" मेरी मोम का मानना है लड़का लड़की तब ही समाज में एक समान हो सकते जब उन्हें घर में भी एक समान ट्रीटमेंट दी जाए । इस लिए जो भी मुझे सिखाया जाता वह राधिका दी को सीखना पड़ता और जो राधिका दी सीखते वह मुझे सीखना पड़ता और यह रसोई उसी का नतीजा है । "

" बहोत अच्छी सोच है । "

अजय ने सूजी का केक बनाया और उनपर मोमबत्ती लगाई और जब रात के 12 बजे तब अजयने रिया को उसपर फुक मारने को कहा । रिया ने मोमबत्ती बूजाई और केक काटा फिर उसने केक का टुकड़ा अजय को खिलाया । फिर दोनों ने गीत पर डांस भी किया । जब दोनों थक गए तो सोफे पर बैठ गए । रिया ने कहा -

"बहोत रात हो गई अब सो जाते है । "

" हा वैसे भी कल सुबह जल्दी निकलना है । "

ओके गुड नाईट अच्छा हुआ मैंने एक्स्ट्रा स्लीपिंग पिल ले ली थी "

रिया सोफे से उठी तभी अचानक अजय ने रिया का हाथ पकड़ा और कहा-

" सोने के लिए दवाई पीना जरूरी है । "

"हाँ अजय उसके बिना मुझे नींद नही आएगी । "

"ओके सीट हियर ( रिया सोफे पर बैठ गई ) मेरे पास एक आईडिया है जिससे तुम्हे दवाई भी नही पीनी पड़ेगी और तुम्हे नींद भी आ जाएगी । "

" कैसे ? "

"तुम मेरी गोद में सर रखके सो जाओ तुम्हे नींद आ जायेगी । "

"व्हाट ? तुम्हारा दिमाग ख़राब हो गया है क्या ? मैं सोने जा रही हु बाई ! "

रिया उठने गई तभी अजय ने उसे फिरसे सोफे पर हाथ पकड़कर बैठा दिया और कहा -

सच ही कह रहा हु । देखो जब भी मैं बचपन में डरता था या कोई डरावना सपना देख लेता और मुझे नींद नही आती तो मैं अपनी माँ के पास जाकर उनकी गोद में सर रख के सो जाता था और मुझे नींद आ जाती थी । इस दुनिया की सबसे हिफाजत जगह कोई है तो वह माँ की गोद है पर एक बात और भी थी उनका प्यार मेरे डर को कम कर देता था और में निडर होकर सो जाता था ।

" हा तो माँ की गोद थी और मेरी माँ .... ।"

वह बोलते हुए रुक गई यह देख अजय बोला -

" आई एम सॉरी पर इस कमरे में सच्चे दिल से तुमसे प्यार करने वाला में ही हु और यह बात तुम भी जानती हो । "

रिया ने इस बात का कोई विरोध नही किया । इसे देख अजय ने आगे कहा -

"तो मेरी गोद ट्राय कर ही सकती हो और कसम से कोई मस्ती नही करूँगा और ना ही कुछ गलत करूँगा इतना ट्रस्ट तो बनता है रिया। प्लीज ... "

रिया कुछ देर सोंचती रही उसने अजय की तरफ देखा उसकी आँखों मे रिया को सच्चाई दिखी । उसने कहा -

" आई ट्रस्ट यु !"

अजय ठीक से बैठ गया जिससे रिया आराम से उसकी गोद में सर रख सके रिया ने अजय की गोद में सर रखकर अपनी आँखें बंद कर ली । अजय ने रिया के सर पर हल्के से हाथ रखा और कहा -

" आराम से सो जाओ । में हु ना । "

रिया सोते हुए मुस्कुराई और कुछ ही समय बाद वह सो  गई ।

रिया की जब नींद खुली तो उसने देखा की सुबह हो चुकी थी । उसे यकीन नही हुआ कि वह दवाईयो के बिना सोई थी । आज तक रिया इतनी अच्छी नींद नही सोई थी । एकाएक उसके चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई उसने देखा कि अजय वहां पर कही नही था । वह उठने गई तब उसकी नजर सोफे पर गई वहां पर अजय की घडी पड़ी थी । उसने उसे उठा लिया और तैयार होने चली गई । रिया जब तैयार होके आई तब अजय को उसने देखा तो वह सोफे के पास कुछ ढूंढ रहा था । रिया अजय के पास आई रिया को देखकर वो बोला -

" रिया तुमने मेरी घड़ी देखी कब का ढूंढ रहा हु मिल ही नही रही । "

" नही ! मैंने तो नही देखी ।"

"अच्छा ओके कोई बात नही में दूसरी ले लूंगा । बायं द वे वन्स अगेन हैप्पी बर्थडे एंड बी रेडी फोर योर सरप्राइज । "

( क्रमश )

Aryan suvada

MO :8347587193

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Rjpatel 1 महीना पहले

Priya Mangukiya 2 महीना पहले

Sanjana Dwivedi 2 महीना पहले

Gohil Kishor 3 महीना पहले

Komal Tejani 3 महीना पहले