रचनाकार का नाम : Neelima sharma Nivia
औसत रेटिंग: (40)
आइना सच नहीं बोलता - ९

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nihi honey 2 महीना पहले

mariyam Kacheriwala 3 महीना पहले

Priyanka Saket 3 महीना पहले

Surekha 5 महीना पहले

S Nagpal 6 महीना पहले

Manish Saharan 11 महीना पहले

Deepa Chauhan 2 साल पहले

Meenu 3 साल पहले

Guddu Chouhan Parmar 3 साल पहले

Shashi Sharma 3 साल पहले

Shakuntala Vyas 3 साल पहले

Neelima Sharma 3 साल पहले

Kirti patil 3 साल पहले

Sandhya Rohatgi 3 साल पहले

Raj Kumari Sharma 3 साल पहले

Alka Maheshwari 3 साल पहले

Rashmi Tarika 3 साल पहले

नंदिनी की ज़िंदगी को जीने लगे हों जैसे

Asha Pandey 3 साल पहले

अब नायिका हमारे संग या हम नायिका संग जीने लगे हो जैसे,बहुत ही बेहतरीन तरीके से रची हुई कड़ी बधाई अपर्णा सखी।

Rita 3 साल पहले

Bahut achchi kahani hai.

Pallavi Tripathi 3 साल पहले

अपर्णा जी मेरी प्रिय लेखिका हैं इनकी लेखनी की सबसे बड़ी विशेषता हैकि भाव,शिल्प कथ्य,अर्थ लगभग हर स्तर पर संवेदनशीलता को गहराई तक ले जाती है

Anjana Tandon 3 साल पहले

Neeta Kotecha 3 साल पहले

bahut badhiya kahani..

Jay 3 साल पहले

Deboshree Majumdar 3 साल पहले

Rupam 3 साल पहले

Nilesh 3 साल पहले

The flow of the writer's words shows how serious thought is given to the plot. shows the marurity

Priyanka Pandey 3 साल पहले

सुंदर प्रवाहमय और रुचिकर

Shraddha Thawait 3 साल पहले

अच्छी कथाकड़ी। पढ़ने में आनंद आ गया। बधाई अपर्णा जी

Shobha Rastogi 3 साल पहले

स्त्री का दुःख हर जगह एक सा है । पित्र्सत्तातमक समाज कु परिपाटी उसे कभी सिर उठाते नही देखन चाहती । अच्छा बयाँ किया लेखिका ने ।

Promilla Qazi 3 साल पहले

जीवन के उतार चढाव पर मजबूती से गति पकडती कहानी, जिसे पूरे कौशल से उकेरा जा रहा है, बधाई !

Nivarozin 3 साल पहले

wah wah

Kavita Verma 3 साल पहले

नंदिनी की उहापोह दीपक का व्यवहार और छोटी छोटी बातें कड़ी को रोचक बना रहे हैं आगे जानने की उत्सुकता है।

Anju Sharma 3 साल पहले

कहानी आगे बढ़ते हुए एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ी है कि सभी की निगाहें नंदिनी की ओर हैं कि जीवन आगे कहाँ ले जाता है....बधाई अपर्णा जी

Upasna Siag 3 साल पहले

नंदिनी का जीवन दिन प्रति दिन मुश्किल होता जा रहा है....मार्मिक कड़ी अपर्णा जी...बधाई

Neelima sharma Nivia 3 साल पहले

कितना मुश्किल समय होता है लड़की के लिये जब पहली बार माँ बनती है । तब पति भी साथ न दे तो ... नंदिनी का चरित्र कमजोर नही है ।welldone

Vandana Gupta 3 साल पहले

Himani Bansal 3 साल पहले

Aparna Anekvarna 3 साल पहले

Suman Taneja 3 साल पहले

नारी की व्यथा को शब्दों में ढाल नंदिनी की कथा बहुत मार्मिक लिखी है आपने अपर्णा बधाई

UrmiyashPapnoi 3 साल पहले