The Loom of Dusk book and story is written by राज बोहरे in Hindi . This story is getting good reader response on Matrubharti app and web since it is published free to read for all readers online. The Loom of Dusk is also popular in Short Stories in Hindi and it is receiving from online readers very fast. Signup now to get access to this story. साँझ का करघा राज बोहरे द्वारा हिंदी लघुकथा 626 Downloads 1.6k Views Writen by राज बोहरे Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण साँझ का करघा उस घर की लय घड़ी की सुइयों से नहीं, बल्कि करघे की उस निरंतर होने वाली 'खट-खट' से तय होती थी जो कभी रुकती नहीं थी। दीनू के उस संकरे और नीची छत वाले कमरे की हवा कभी साफ नहीं रहती थी। वहां हवा में रुई के महीन कणों का एक ऐसा जादुई सा कोहरा हमेशा तैरता रहता था, जो हर सांस के साथ शरीर के भीतर उतर जाता था। इसे वे 'रुई पीना' कहते थे—अपनी ही आजीविका का एक ऐसा धीमा सेवन, जो धीरे-धीरे फेफड़ों को सफेद धूल की कब्रगाह बना देता था। दीनू की छाती More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी