निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... - 12 Anandvardhan Ojha द्वारा उपन्यास प्रकरण में हिंदी पीडीएफ

निश्छल आत्मा की प्रेम-पिपासा... - 12

Anandvardhan Ojha द्वारा हिंदी उपन्यास प्रकरण

हमदम मेरे, जो बात तुमको चहिये थी खुद बतानी, वह हवा का एक कतरा था, कह गया सारी कहानी।... पाँच-छह महीने बाद मैं, शाही और ईश्वर सर्वत्र एक साथ दिखने लगे। ईश्वर ने कानपुर की 'हरी कॉलोनी' (Green ...और पढ़े