भोगमनित्यमेव Bhargav Patel द्वारा कविता में हिंदी पीडीएफ

भोगमनित्यमेव

Bhargav Patel द्वारा हिंदी कविता

नश्वर जगत में बसते, मानव का अधिकार । जाना वह भीतर झाँक, नीतिमय सदाचार ॥ मगध राज्य का वह काल कनक । भूप थे जब बिम्बिसार जनक ॥ नृप शासन सब वहाँ सराहे । मगध में जब सर्व ...और पढ़े