उज्वला की कहानी Vrishali Gotkhindikar द्वारा लघुकथा में हिंदी पीडीएफ

उज्वला की कहानी

Vrishali Gotkhindikar मातृभारती सत्यापित द्वारा हिंदी लघुकथा

रक्षाबंधन का दिन था .. सुबह का काम जल्दी निपटाकर उज्वला राखी लेकर अपने मायके निकल पडी | भैय्या कही बाहरगाव जा रहे थे इसलिये उन्होने जल्दी बुलाया था उसको | जैसे ही वो वहां पहुची भाभीने दरवाजा खोला ...और पढ़े