कहानी एक राजकुमार की है जिसका नाम अजब है, जो कि एक समृद्ध बादशाह का बेटा है। पिता के निधन के बाद, वह सिंहासन पर बैठा और अपने राज्य की देखभाल करने लगा। एक दिन, उसने अपने राज्य के नगरों और द्वीपों का दौरा करने और वहां के निवासियों को सांत्वना देने का निर्णय लिया। इसके साथ ही, उसने जहाज चलाना सीखने का भी मन बनाया और एक बड़े जहाज पर सवार हो गया। शुरुआत में उनकी यात्रा सुखद रही, लेकिन एक भयंकर तूफान ने सब कुछ बदल दिया। तूफान के बाद, उन्होंने एक द्वीप पर उतरकर राहत पाई, लेकिन फिर से एक और तूफान ने उन्हें रास्ता भटकने पर मजबूर कर दिया। उनके कप्तान ने एक काले पहाड़ की ओर इशारा किया, जिसे एक चुंबक का पहाड़ बताया गया। कप्तान का कहना था कि जहाज उसके पास पहुंचने पर सारी लोहे की चीजें उस पहाड़ की ओर खींची जाएंगी, जिससे जहाज बर्बाद हो जाएगा। इस कहानी में राजकुमार की यात्रा, उसके साहस और विपत्ति के समय में उसके साथियों की चिंता का वर्णन किया गया है, जो चुंबक के पहाड़ की भयंकरता को दर्शाता है। अलिफ़ लैला - 16 MB (Official) द्वारा हिंदी लघुकथा 17.6k 5k Downloads 12k Views Writen by MB (Official) Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हे दयालु सुंदरी, मेरी कहानी बहुत ही आश्चर्यकारी है। इन दोनों शहजादों की दाहिनी आँखें परिस्थितिवश गईं किंतु मेरी आँख मेरी ही मूर्खता और मेरे ही अपराध के कारण फूटी। मैं इसका विस्तृत वर्णन करता हूँ। मेरा नाम अजब है और मैं महा ऐश्वर्यशाली बादशाह किसब का बेटा हूँ। पिता के स्वर्गवास के बाद मैं सिंहासनारूढ़ हुआ और उसी नगर में रहने लगा जिसे मेरे पिता ने अपनी राजधानी बनाया था। मेरी राजधानी समुद्र के किनारे बसी थी। उसकी रक्षा के लिए डेढ़ सौ युद्ध पोत तैयार रहते थे। इसके अलावा दूरस्थ व्यापार के लिए पचास जहाज थे और बहुत-से दूसरे जहाज भी लंगर डाले रहते थे कि लोग उन पर बैठकर समुद्र में सैर-सपाटा किया करें। मेरे राज्य में कई अन्य नगर और द्वीप भी थे। Novels अलिफ़ लैला फारस देश भी हिंदुस्तान और चीन के समान था और कई नरेश उसके अधीन थे। वहाँ का राजा महाप्रतापी और बड़ा तेजस्वी था और न्यायप्रिय होने के कारण प्रजा को प्रिय... More Likes This First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी