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#गज़ल status in Hindi, Gujarati, Marathi

  • #ग़ज़ल
    #ग़रीबी_से_सियासत_है

    ग़रीबी से सियासत है, सियासत से ग़रीबी है ।
    यहाँ सबको यही दिखता, कोई किसका करीबी है ।।

    सभी अपनी लिये ढपली सभी का राग अपना है ।
    अलापे जा रहें बे शुर यही तो बदनसीबी है ।।

    भला अब आदमी को आदमी कैसे बनाएं हम।
    कोई छोटा कोई मोटा यहाँ इतनी रकीबी है।।

    हमीं से दोसती करता हमीं से घाट करता है।
    फरेबी हर दफ़ा कहता वही मेरा हबीबी है।।

    हक़ों की बात करता है दबाकर हक़ जो बैठा है।
    हमेशा साथ रखता है ओ जो खोटी ज़रीबी है।।
    -Panna
    हबीबी=मेरा प्यार
    रकीबी =दुश्मनी
    ज़रीबी=ज़मीन नापने के जंजीर को ज़रीब कहते हैं

  • #Happy New Year to dear co-workers and Friends.

    #ग़ज़ल -अलविदा कह रहा

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।
    212 212 212 212
    तेरी मेरी थी जो दास्ताँ कह रहा ।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

    दर्द तुमने दिये दर्द हमनें दिये।
    तू मेरी मैं तेरी हर ख़ता कह रहा ।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

    आ के जाना तो क़ुदरत का दस्तूर है ।
    बज़्म को है मगर इब्तिला कह रहा ।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

    इश्क़ फूलों ने भँवरों से क्या कर लिया ।
    यह जमाना उन्हें बेहया कह रहा ।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

    रंजिशें छोड़ने की घड़ी आ गई ।
    आज फुरक़त को भी मैं क़ज़ा कह रहा।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

    बनके पत्थर सनम जख़्म देता रहा ।
    मैं तो पत्थर को भी अब ख़ुदा कह रहा।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

    इल्तिज़ा है मगर मुस्कुरा कर के जा ।
    मैं तेरी हर ख़ता को अदा कह रहा ।।

    जा तुझे आज मैं अलविदा कह रहा ।

  • #ग़ज़ल ✍️✍️✍️

    तेरी गोद में सर रखकर सो जाऊँ कभी
    यूँ तेरी बाहों में खो जाऊँ कभी

    यह आरज़ू, यह तमन्ना दिल में लिए फिरता हूँ,
    तू मेरी, मैं तेरा हो जाऊँ कभी

    तेरे आने का इंतजार हर रोज़ किया करता हूँ,
    तू आये तो घर अपना सजाऊँ कभी

    तू आँख बंद कर कोई दुआ माँग लेना,
    मैं सितारा बन आसमां में जो टूट जाऊँ कभी

    चराग़-ए-मुहब्बत अपने दिल में रोशन रखना,
    बहा लेना दो आँसू, जो बुझ जाऊँ कभी

    उनको देखे जैसे ज़माने हो गए,
    दिखा देना अपनी सूरत गर मर जाऊँ कभी..

    तेरी गोद में सर रखकर सो जाऊँ कभी....

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    लेखकः हैदर अली ख़ान
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    अगर आपको मेरी यह रचना पसंद आई हो तो कृपया अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रिया अवश्य दें...~शुक्रिया

  • #kavyotsav -२ #प्रेम #गज़ल
    (type- song)

    सुन ले तू भी अभी अपने दिल कि बात,
    कही बीत ना जाए ये सुनहरी रात।
    कह दे जो कुछ भी कहना है इस पल,
    कहीं झूट ना जाए इस रात का साथ,
    कह दे सनम तू भी अपने दिल कि बात।।

    बस आज की रात ये चांद ठहर जा जरा,
    साथ जी लू में और थोड़ा सा जरा।
    कल कि रात ना तू होगा ना मेरा पता,
    सोचता हूं कि कैसे ढलेगी शाम तेरे बिना,
    जब ना होगा तेरा मेरा साथ।
    कह दे सनम तू भी अपने दिल कि बात।।

    ना हो जाए सवेरा ना हम हो जाए दूर- दूर,
    सूरज की रोशनी में दिल ना हो जाए चूर- चूर।
    लेकिन ना वक्त ना रोक सकू में दिन- रात,
    गर हो गई सुबह तो अधूरी रह जाएगी मुलाकात,
    कह दे सनम तू भी अपने दिल कि बात।।

    करता हूं मैं तो दुआ मेरे प्यार से,
    भूलेगा ना तू कभी वादा कर अपने यार से।
    कह ना कम होगी मोहब्बत चाहे गुजरे ये रात,
    ना भूलेगा कभी तू इस रात की मुलाकात,
    कह भी दे सनम तू भी अपने दिल कि बात।।

    _✍️_सत्येंद्र कुमार