Hindi Shayri status by Abbas khan on 26-Nov-2019 04:38pm

मेरी वफ़ा की गवाही सितारे देते
रहे,,,,,,,✨✨.
बस मेरे चाँद को ही मुझपे यकीन
ना आया,,,,,,,,,,,,?
@खान।,,

Abbas khan 7 महीना पहले

जी शुक्रिया ।,,बहोत अच्छा लगा।।शुभ रात्रि...n..good night.

Tinu Rathod _તમન્ના_ 7 महीना पहले

वाह... अब्बासभाई ?? समय की पाबंदी की वजह से आज यही पे खतम करती हु... Good night... ?

Kishan4ever@kgbites 7 महीना पहले

?????Gud Nyteee...bole to shubhratri

Abbas khan 7 महीना पहले

वाह,,वाह,,,,,???

Kishan4ever@kgbites 7 महीना पहले

ठहाके छोड़ आये हैं अपने कच्चे घरों मे हम, रिवाज़ इन पक्के मकानों में बस ?मुस्कुराने का है।

Abbas khan 7 महीना पहले

वाह क्या बात है।? आप को देख कर यह निगाह रुक जाएगी , खामोशी अब हर बात कह जाएगी , पढ़ लो इन आँखों में अपनी मोहब्बत , कसम से सारी कायनात इसे सुनने को थम जाएगी

Kishan4ever@kgbites 7 महीना पहले

नुमायश करने से चाहत बड़ नहीं जाती, मोहब्बत वो भी करते हैं जो इजहार नही करते। ..✍

Kishan4ever@kgbites 7 महीना पहले

सकून मिलता है जब उनसे बात होती है, हज़ार रातों में वो एक रात होती है, निगाह उठाकर जब देखते हैं वो मेरी तरफ, मेरे लिए वो ही पल पूरी कायनात होती है। Waah kya baat he?

Abbas khan 7 महीना पहले

क्या बात है।??? अंजाम-ए-वफ़ा ये है जिस ने भी मोहब्बत की मरने की दुआ माँगी तो जीने की सज़ा पाई।

Tinu Rathod _તમન્ના_ 7 महीना पहले

वाह... अब्बासभाई... बेमिसाल... ? मोहब्बत मे रास्ता कुछ और नही होता, दिल टूटने का कोई शोर नहीं होता,, दिल मे गम और, होठो पे मुस्कुराहट, वफा निभाना भी आसान नहीं होता...

Nirav Patel SHYAM 7 महीना पहले

हाथो की लकीरों में जो लिखा ही ना था, में उसको अपना बनाने चला था, भरोसा था मुजे अपने आप पर, में पहाड़ को चिर कर झरना बहाने चला था ।

Abbas khan 7 महीना पहले

वाह तमन्ना जी।?? सारे सपने तोड़कर बैठे हैं,दिल का अरमान छोड़कर बैठे हैं.. ना कीजिये हमसे वफ़ा की बातें, अभी-अभी दिल के टुकड़े जोड़कर बैठे हैं

Tinu Rathod _તમન્ના_ 7 महीना पहले

वाह... ? वो ढूँढते रहे वफा मेरे लफ्जो में, कभी आँखो में देखते तो,, बात कुछ और होती...

Abbas khan 7 महीना पहले

वाह।।?? ना चाहत के अंदाज़ अलग, ना दिल के जज़्बात अलग थी सारी बात लकीरों की, तेरे हाथ अलग, मेरे हाथ अलग

... Dip@li..., 7 महीना पहले

अगर जज्बातो तो मैं हो जोधा जैसी बात तो पत्थरो को भी पीगला देती है कोई बात।

Abbas khan 7 महीना पहले

वाह क्या बात ह।,,ै दीपाली जी।,,,,? पत्थर की दुनिया जज़्बात नही समझती, दिल में क्या है वो बात नही समझती, तन्हा तो चाँद भी सितारो के बीच में है, पर चाँद का दर्द वो रात नही समझती

... Dip@li..., 7 महीना पहले

? आओ आज पुरी करे उस अधुरी आस को आओ आज पुरा करें उस टुटे ख्वाब को आओ आज मनाएं अपने रुठे चांद को

Abbas khan 7 महीना पहले

Thank you..Dr.Damaynti ji..?

Abbas khan 7 महीना पहले

वाह दीपाली जी,,,,जोरदार।??? एक खोया खोया चाँद हे जो हे खफा खफा… एक टुटा टुटा ख्वाब हे जो हे तुझसे हे जुड़ा… एक आधी आधी आस हे जो अधूरी रह गयी…

Abbas khan 7 महीना पहले

वाह,,,नीरव भाई क्या बात है।?? आज भीगी हें पलके तुम्हारी याद में आकाश भी सिमट गया अपने आप में औंस की बूँद ऐसे गिरी ज़मीन पर मानो चाँद भी रोया हो तेरी की याद मे

Nirav Patel SHYAM 7 महीना पहले

ना चाँद हुआ हमारा, ना हो पाया ये आसमा हमारा, मर मिटे हम उसकी चाहत में दिन-रात युही तड़पके, ना जाने कोनसे जन्म का था उससे वास्ता हमारा ।

... Dip@li..., 7 महीना पहले

हम अपने उस चांद को ठुकरा भी ना सके ओर उसे अपना ये भी केसे जो कभी हमारा था भी नहीं

Nirav Patel SHYAM 7 महीना पहले

क्या बात ??? हजारो सितारों के बीच मे हमे भी वो चांद नजर आया, जिसे चाहा दिलो जान से मगर फिर भी हमारा ना हो पाया ।

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