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"दिल में कोई ओर बसा तो नहीं,
ये चाहत इश्क से ज्यादा तो नहीं,

सब मुझे चाहने लगे हैं...
कहीं मुझमें तुम्हारे जैस

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મોહનભાઈ આનંદ 8 महीना पहले

हुनर ए इश्क, हकीकी हुश्न लाजवाब है हो अदायगी,नूर ए आशियाना जवाब है एक ही सबमें,सब एक ही अनंत द्रष्टि में, भेद दुनियादारी का, यकीनन लाजवाब है

Jay _fire_feelings_ 8 महीना पहले

વાહ... શું વાત છે... ??

Er Bhargav Joshi 8 महीना पहले

કેમ ઝેરોક્સ જ બનવું છે...??? અમારા જેવું બની ને... ??????

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