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Arjuna Bunty बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी ब्लॉग
11 घंटा पहले

समाज में आज के समय में सब कुछ बदला बदला सा है वहीं स्त्रियों का रोल भी बदला है मेरा ये लेख बस मेरी अपनी समीक्षा है आप लोगों की प्रतिक्रिया का इंतजार है तो ज्यादा से ज्यादा डाउलोड करें और रेटिंग और कमेंट करें।
"स्त्रियों की दशा।"
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Arjuna Bunty लिखित कहानी "स्त्रियों की दशा।" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
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Arjuna Bunty बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
13 घंटा पहले

सच्ची और अच्छी बातें दिल को सारी भाती, आप खुश हो अगर झूठ बोल कर #कर्मा नहीं सिखलाती।

मानव है हम मानवता का यही धर्म निभाते है, जो संस्कार मिला पुरखों का जीवन में हम #कर्मा में वही दिखलाते है।

#कर्मा
#Arjuna Bunty
#matrubharti

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Arjuna Bunty बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
1 दिन पहले

आप अलग हो यही जान लो आप हो सबसे खास कोई नहीं आप जैसा हो सकता जब होगा ये एहसास
लोगों का क्या है ? जो आपकी जीत को स्वीकार नहीं कर सकते तो लोग उड़ाते है #उपहास
परिहास | मखौल | मज़ाक | व्यंग्य | कटाक्ष | खिल्ली | हँसी | ठिठोली | हँसी-ठिठोली | हँसी-मज़ाक | निंदात्मक हँसी | निंदात्मक मज़ाक | निंदा | बदनामी |

#उपहास
#Arjuna Bunty
#matrubharti

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Arjuna Bunty बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
2 दिन पहले

मेरी ख़ूबसूरती से मोहब्बत है तो मुझसे जरूर कहना
लज्जा, शर्म, लफ्ज़, हया, सलीका, यही तो है एक लड़की का #गहना

#गहना
#Matrubharti
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Arjuna Bunty बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 दिन पहले

ये जो दिल की बात दिल में रखते हो न
और आंसू को छिपा कर बिलखते हो न

कांधे खोजते हो सर को रखने के लिए
वजह बस यही है तुमको तकलीफ़ ज्यादा है

हमको कुछ आता वाता हो या न हो
हमे प्यार करना और दर्द बांटना आता है।

की मुद्दत से कभी हसंते जो न थे तुम
उसी वक़्त से तुमको जरूरत थी
एक कांधे की ।

नायब थे तुम जो तुमको दोस्त हमसफ़र मिले
चाहतों के साथी और हमदर्द मिले।

यकीन करो दिल की बात बताया करो
कुछ छुपाना ही है तो छुपा लो पर प्यार जताया करो।

#matrubharti
#Arjuna Bunty

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Arjuna Bunty बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 दिन पहले

तम्बाकू

ना जाने कितनो का परिवार इसने छीन लिया
कैंसर से कितनो को यतीम किया
मज़ा तो उन्हें बहुत आया होगा
चुटकी और ताल ठोक कर
इस तम्बाकू को खाने में,
जवानी में इसे चवाने में
पर कहां पाता था उन्हें
ये उजाड़ रहा था घर
और परिवार जिसे
न जाने क्या क्या
कीमत न चुकाना पड़ता है
बसाने में।
दोस्तों
आप से मिन्नत ये ही
मै बार बार करता हूं
छोड़ दे तम्बाकू खाना
यही फ़रियाद करता हूं
किसी का भला कभी न
ये चाहा है
घर को उजाड़ना और
मौत ही इसको भाया है।
की इसको खाने से कोई
कहां बना है हीरो
जिम्मेदार कंधे टूट गए
वो बन गए जिंदगी में जीरो
अपने हुनर को दुनिया को
बताओ तुम
तम्बाकू को हाथ न लगना और
जीवन को बचाओ तुम
देश की तरक्की में
हाथ बढ़ाओ तुम।
धन्यवाद
#Arjuana Bunty

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Arjuna Bunty बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 दिन पहले

डर

डर  हर रोज डराता है
कभी ये डर
तो कभी वो डर
घर कर जाता है ।

मौका मिलता है
खुशी बांटने का
तो वहां ये डर फिर से
आ जाता है ।

दर्द  धमकाता है
डर बहकाता है
कभी तनहाई में
तड़पाता है
कभी महफिल में रुलाता है ।

ये डर ही है
जो इंसान को कुछ भी
हासिल नहीं होने देता
हिम्मत जुटाकर गर
आगे भी बढ़ता तो
डर रहता कहीं
पीछे ना लौट जाऊं
यही डर सभी को डराता है।

सच है कि
डर इतना ज्यादा डराता है
डर डर कर जीने का अब तो
आदत ही पड़ जाता है
डर से आगे बढ़ने का बढ़ने पर
जीत जरूर मिल जाता है ।

पर वहां पर भी
ये डर साथ नहीं
छोड़ पाता है
डर वहां तक साथ होता है
जहां तक इंसान जाता है।


डर है डर डर कर यहां
मुस्कुराना पड़ता है
और नशे में डर से
पीछा छुड़ाना पड़ता है ।

एक रास्ता है
जो मैं इख्तियार करता हूं
डर से ही दोस्ती यार करता हूं
वो जो कहता है
बस वही बार-बार करता हूं ।

साथ हर कदम पर
वो रहता है ,तो रहे
अपनी खुशी से ज्यादा
का वास्ता ही क्या है
डर है जो साथ मेरे
फिर डरना कहां है

ये डर है कहीं जाता कहां है
मंजिल तक साथ
तो डर है
बस इस डर से
अब डरना कहां है।
Arjuna Bunty

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Arjuna Bunty बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
3 दिन पहले

तेरा अस्तित्व है कहां इस संसार में हम इंसान है जिज्ञासु
तेरे दीदार को है आतुर तेरा नाम राम हो, रहीम हो, वाहे गुरू हो, या हो चाहे #यीशु

#यीशु

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Arjuna Bunty लिखित कहानी "शब्दांश (मेरा काव्य संग्रह )" मातृभारती पर फ़्री में पढ़ें
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