Be Natural

Anjali Tiwari बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 महीना पहले

#अनुभव

आखिर क्या देखूँ कोई सपना
जब साथ न होगा कोई अपना
हर कदम पर देखा असली रंग
पता नहीं कैसा होता है स्वप्न का रंग
अच्छा बनकर मिला है तो वह है अनुभव
उस अनुभव से जीवन बचाने को सदैव तत्पर
🙏🏻✍🏻

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Anjali Tiwari बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 महीना पहले

मूक हैं सब भावनायें
पर तुम्हारी हो गयी हूँ।
तुम मुझे ढूढ़ोगे कैसे,
मैं तुम्हीं में खो गयी हूँ।
मैंने खुद को अब तुम्हारा,
आईना सा कर लिया है।
वक्त से आगे निकलकर,
प्रेम तुमसे कर लिया है।
✍🏻💖

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Anjali Tiwari बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 महीना पहले

बोलना बहुत सहज है,
मौन को साधना बहुत कठिन।
बोलने में तारे हैं, हवाएँ हैं,
मौसम में चांदनी है, धूप है, सूर्य है।
पेड़ की छाया है काया है और ये माया है ।
तुम हो तभी यह संसार है ।
बोलना च्युत होना है,
और मौन ब्रम्हचर्य है ।
✍🏻

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Anjali Tiwari बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
4 महीना पहले

✍🏻

Anjali Tiwari बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
4 महीना पहले

इस मन के अन्दर कुछ न रखिए
न दुख न शिकायतें,
न मिलने के वादे ,
न अपने हस्ताक्षर ,
न ही कोई अकथित विचार,
नहीं तो ये मन पकड़ा जायेगा
भावनाओं के आगोश में ।

#अकथित

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Anjali Tiwari बाइट्स पर पोस्ट किया गया English कविता
4 महीना पहले

Actions are words at deeds,
Feelings untold,
Feelings unspoken,
Actions are worth better at showing.

Love is a building tool,
Hearts breaking,
Hearts leaking,
Love is still a mending wool.

Words Unspoken,
Hearts sealed,
Love leaking,
Thoughts hindering.

Words untold,
By a heart dreading,
To a heart unknowing,
For a stranger unseeing....

#Untold

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Anjali Tiwari बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
4 महीना पहले

कर सिंगार प्रकृति पद्मिनी पलक उघारी,
पात पात पर लगी नाचने हो मतवारी।
आ पहुँचे ऋतुराज आज फ़िर रंग जमाने,
होंठों पर शतदल सी आभा लगी मुस्काने।
पा कोमल संदेश आम ने मौन धराया,
चिपके थे जो पात पियरे लगा पराया।
बसंत लगा मेहमान आज बगिया है महकी,
बौराये सब आम कुंज में कोयल चहकी।
स्वर्ण कलश ले हाथ खड़ी सरसों की क्यारी,
मन की फिर जगी उम्मीद देख ये आभा प्यारी।
✍🏻🙏🏻😊


#वसंत

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Anjali Tiwari बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
4 महीना पहले

#प्रारंभ
प्रारंभ में लौटने की ख्वाहिश है मन में,
शुरु की गयी गृहस्थी के पूर्व के पल फिर से जीना चाहती हूं,
योगसाधना में फिर से डूबना चाहती हूँ,
फिर से अल्हड़ और फक्कड़ होना चाहती हूँ,
फिर से शुरुआत में लौट जाना चाहती हूँ ......

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Anjali Tiwari बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
4 महीना पहले

भावुकता का परिणाम क्षणिक होता है,
लहरों का विकल विराम क्षणिक होता है,
मलियानिल की मंथर गति के स्वागत में,
विटपों का मौन प्रणाम क्षणिक होता है।


#भावुकता

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Anjali Tiwari बाइट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
4 महीना पहले

#निजी
समूचे के समूचे, अंतर यातना में,
अपने विषय, विश्लेषण, विवेचना में,
प्रबोधक-प्रहार या प्रपंच-परिक्रमा में,
द्वंद, संताप, पश्ताचाप, प्रार्थना में,
तुम्हारे शब्दों से पृथक
मैं समझती हूँ तुम्हें
धुंध में विलीन होती
निजी अभिव्यक्ति तुम्हारी
अपेक्षाओं के नभ में......✍🏼🙏🏻

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