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#Moralstories

अगला कौन ?

पूरे ऑफिस में चर्चा थी कि कंपनी का अगला सी ई ओ कौन होगा? क्यूंकि श्री राम कपूर अगले माह रिटायर हो रहे है।
कपूर साहब ने आज अगले सी ई ओ की लाइन में लगे कंपनी के सभी अधिकारियों को बुलाया , और सभी अधिकारियों को एक - एक सुंदर पौधा लगा गमला बांट दिया, और कहा" सभी लोग उसे गार्डन में रख दें और इसकी देख भाल करें जिसका पौधा सबसे बड़ा होगा वो अगला सी ई ओ होगा।"
बिना देर किए सभी लोग गार्डन पहुंच अपने पौधे रख आए और उसकी देख भाल शुरू की,
वर्मा जी ने देखा कि सबके पौधे तो काफी बड़े हो गए, तो उन्होंने उसी से मिलता जुलता पौधा मार्केट से लेकर खड़ा कर दिया जिसकी लंबाई पहले ही अधिक थी,
सभी ने मेहनत की
एक माह बाद जब कपूर साहब जायज़ा लेने गार्डन पहुंचे वहां वर्मा जी अपनी जीत को लेकर बिल्कुल आश्वस्त थे क्युकी सबसे बड़ा पौधा उनका ही था, बस एक पौधा जो नहीं बड़ा था वो था राठौड़ जी का पौधे खाद तो दिख रही थी पर राठौड़ जी नहीं दिखे,
जब कपूर साहब ने सी ई ओ का नाम घोषित करने के लिए मीटिंग ली तो वर्मा जी बस खड़े ही होने को थे तभी नाम लिया गया अलगे सी ई ओ राठौड़ होंगे सब आश्चर्य में थे ,तभी कपूर साहब ने बताया कि वो विशेष पौधे सिर्फ उतने ही बड़े हो सकते थे, सारे बेईमानों के सिर शर्म से झुक गए।

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#Moralstories
डॉक्टर रमेश शहर के जाने माने डॉक्टर है, उनकी नजर में गरीब लोग समाज के बोझ है ,जबकि डॉक्टर खुद गरीबी से उठे हुए थे,उनकी फीस और इलाज़ भी अमीरों के हिसाब से था
अगले हफ्ते उनकी बिटिया की शादी है, इसलिए डॉक्टर साहब कल से हफ्ते भर की छुट्टी पर रहेंगे,
तो आज ही सारे पेशेंट देखना होगा,ऑपरेशन भी करना है।
अमीर लोगों के इस क्लीनिक में बाहर लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे,तब ही एक सज्जन पुरुष हांफता हुआ, एक बदहाल युवक को लेकर आया, उसने ने काउंटर पर बैठे आदमी से कहा "इमरजेंसी है ",
बिना फीस रिसेप्शनिस्ट ने डॉक्टर को दिखाने का मना कर दिया , काफी विनती के बाद रिसेप्शनिस्ट ने डॉक्टर साहब से पूछा कि एक इमरजेंसी है,पर पेशेंट के साथ आय व्यक्ति गरीब है फीस नहीं दे सकते ,डॉक्टर ने कहा "फीस नहीं तो इलाज़ नहीं",
सज्जन पुरुष रूहांसा होकर युवक को क्लीनिक के दरवाजे के पास टिकाकर चलता बना सब लोग देखते रहे और अपनी अपनी बीमारी दिखा कर चले गए ,
डॉक्टर साहब घर जाने के लिए बाहर निकले तो उस युवक को देखा उसकी सांसे जा चुकी थी,
डॉक्टर साहब वहीं नीचे जमीन पर बैठ कर रोने लगे,वो उनका बेटा विक्की था जो गुस्से में अा तीन साल पहले घर छोड़ कर चला गया था,डॉक्टर साहब ने उसे बहुत ढूंढा, पैसा पानी की तरह बहाया पर वो ना मिल सका था,
आज विक्की ज़िंदा बच जाता अगर डॉक्टर के मन में थोड़ी सी मानवता ज़िंदा बच जाती।

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