मेरी कहानियों को पढ़िए और मेरे बारे में आप ही कुछ लिखिए

*मैथिलीशरण गुप्त की सुन्दर रचना*

तप्त हृदय को , सरस स्नेह से ,
जो सहला दे , *मित्र वही है।*

रूखे मन को , सराबोर कर, 
जो नहला दे , *मित्र वही है।*

प्रिय वियोग  ,संतप्त चित्त को ,
जो बहला दे , *मित्र वही है।*

अश्रु बूँद की , एक झलक से ,
जो दहला दे , *मित्र वही है।*

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....मै यादों का
किस्सा खोलूँ तो,
कुछ दोस्त बहुत
याद आते हैं....
..मै गुजरे पल को सोचूँ
तो, कुछ दोस्त
बहुत याद आते हैं....
..अब जाने कौन सी नगरी में,_
_...आबाद हैं जाकर मुद्दत से....😔_..मै देर रात तक जागूँ तो ,
कुछ दोस्त
बहुत याद आते हैं.......कुछ बातें थीं फूलों जैसी,
....कुछ लहजे खुशबू जैसे थे,
....मै शहर-ए-चमन में टहलूँ तो,
....कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं.
...सबकी जिंदगी बदल गयी,_
_...एक नए सिरे में ढल गयी,_😔..किसी को नौकरी से फुरसत नही..._
_...किसी को दोस्तों की जरुरत नही...._😔_...सारे यार गुम हो गये हैं..._
...."तू" से "तुम" और "आप" हो गये है......मै गुजरे पल को सोचूँ
तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं......धीरे धीरे उम्र कट जाती है..._..जीवन यादों की पुस्तक बन जाती है,_😔...कभी किसी की याद बहुत तड़पाती है..._
_और कभी यादों के सहारे ज़िन्दगी कट जाती है ..._😔
....किनारो पे सागर के खजाने नहीं आते,
....फिर जीवन में दोस्त पुराने नहीं आते...
_....जी लो इन पलों को हस के दोस्त,_😁
_फिर लौट के दोस्ती के जमाने नहीं आते ...._

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*तेरी चाहत में रुसवा यूं सरे बाज़ार हो गए*

*हमने ही दिल खोया...*

*और...*

*हम ही गुनहगार हो गए*

💞वो भी शौकीन हैं इतने कि
गूगल' पर हमारी शायरी ढूंढते हैं💞
💞उनको ये लगता है कि
जज्बात भी बाजार में बिकते हैं💞

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💕💕कांटो से बच बच के चलता रहा उम्र भर,

💕💕क्या खबर थी कि चोट एक फूल से लग जायेगी..

मैनें कभी ईंट का जवाब पत्थर से नहीं दिया,

बस वही ईंट वापस दे मारी, पत्थर ढूंढने में कौन टाईम खराब करे.😂😂😍😍❤😘

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*💫🌹सारी रात तुम्हारी यादों में खत लिखते रहे.....!!*

*पर दर्द ही इतना था की अश्क़* *बहते रहे और अल्फ़ाज़ मिटते रहे....!!🌹💫*

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😆😅😂👇🏻👇🏻👇🏻😆😆😆

एशियन पेंट सालों साल चले या ना चले,😀😃😀

पर उसकी बाल्टी अगले .10 साल तक नहाने🛀🚰 के काम ज़रुर आती है।🤣😂

🤣🤣😂😅😛😝😝😛😁😁😅😅😂😂🤣🤣

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