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Aastha Rawat कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
3 घंटा पहले
Aastha Rawat कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी शायरी
5 दिन पहले

कह तो देते है आसानी से कि खुश हैं
हम वो तो हमारा दिल ही जानता है कितने खुश है हम किराए की मुस्कान चेहरे पर सजा तो देते है
मुस्कान की ओड में आसू छिपा तो देते है
कह तो देते है खुश हैं हम
पर दिल ही जानता है कितने खुश हैं हम
वो आइना भी दुश्मन लगने लगा है
खुद का चेहरा पराया लगने लगा है
क्या कुसूर किसी को दे
हर कोई ग़म उसका बनाया लगने लगा है
अब तो आदत सी हो गई
उसे जुर्म ढाने की हमपर गमो से
हमे भी मोहबत सी होने लगी है
सोचते कभी खत्म होगा ये सिलसिला
झूठी मुस्कानों का ये कारबां
शायद
कह तो देते है खुश है दिल ही जानता है कितने खुश हैं हम

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Aastha Rawat कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
1 सप्ताह पहले

रास्ते वहां मेरे है♥️
जहां ना कोई मंजिल💚
जहां ना कोई बसेरा💛
भटकती हूं उन रहो पर💜
जहां ना कोई मुसाफिर💙
जहां ना कोई सहारा।❤️

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Aastha Rawat कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
2 महीना पहले

# योग्य
किसी की योग्यता को मापना सहज नही
किसी की योग्यता को वही व्यक्ति माप सकता है ।
जो स्वयं योग्य हो ।

( कहते है ना जौहरी ही हीरे को पहचान सकता है।)

-Aastha Rawat

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Aastha Rawat कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी समाचार
3 महीना पहले

वेदवाणी
एक ऐसी प्रेम कहानी जो अपने अंदर अद्भुत प्रेम , मार्मिकता , संस्कार , आदि
को समेटे हुए है । अभी मातृभारती पर फ्री पढ़े।
https://www.matrubharti.com/novels/24231/vedvani-by-aastha-rawat

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Aastha Rawat कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी विचार
4 महीना पहले

सब कहते है दिमाग में कुछ खिचड़ी बना रही है। साफ दिल की बनो कुछ भी बात हो हम से कहो !

पर कौन जाने एक कवि की बात जुबां से लफ़्ज़ों के रूप में नहीं
दिल से कविता के रूप में निकलती है
लफ़्ज़ों से भले ही दिल की बात बयां कि जा सके
लेकिन कागज पर तो पूरा दिल ही उतारना पड़ता है।

-Aastha Rawat

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Aastha Rawat कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी कविता
7 महीना पहले

(नारीशक्ति)
अब ना वो तलवार में जो चुप रह गई मयान में।
अब ना वो बेजुआन में जो
सब सह गई आन में।
एक आंधी ऐसी अाई
घूंघट जिसने उड़ाया
लोग लाज का।
अब में बात बड़ाना सीख चुकी हूं।
हाथ उठाना सीख चुकी हूं।
पैर की जूती समझा जिसने
उसका ऋण में चुकाना सीख चुकी हूं।
मेरे हर कदम पे जो उंगलियां उठती है हजार
अब ना में सहूंगी।
ना रोऊंगी ज़ार- ज़ार
क्यों कि अब में
नज़रे मिलाना सीख चुकी हूं।
जीत जाना सीख चुकी हूं।
अपमान था किया जिसने
उसे धूल चाट आना सीख चुकी हूँ ।

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Aastha Rawat कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी ब्लॉग
7 महीना पहले
Aastha Rawat कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी सुविचार
8 महीना पहले

Nature gives us a lot. But never takes anything from us. That is why it is our responsibility that we also protect these well wishers. Do not harm them in any way. I love my nature very much.

-Astha Rawat DevBhoomi

Aastha Rawat कोट्स पर पोस्ट किया गया हिंदी ब्लॉग
8 महीना पहले

शरीर के घाव तो कुछ समय का दर्द देते है। पर दर्दनाक तो वो दिल के घाव है जो ना दिखते हुए भी हजारों बार दर्द देते हैं और आंखो में आंसू भर जाते हैं।

-Aastha rwt

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